एक गांव में नदी के पास कुछ लोग एकत्र होकर साप को मार रहे थे। तबी वहा से पंडित जा रहे थे। पंडित भी एकत्र हुए लोग को देख ने पहोच गए। पंडित ने कहा : क्यों इस प्राणी को मार रहे हो। पिछले कर्म के कारण वह साप बना है। मंदिर में लोग इस कि पूजा करते है। इसमें भी प्राण बसे हुए है। तबी भीड़ में से युवक बोला..... फिर यह काटता क्यों है। युवक की बात सुन कर पंडित ने कहा..... तुम लोग साप को बेवजह मरोगे तो साप कटेगा ही ना ! जब साप पर पाव गिरता है तब ही साप काटता है। आप से भी ज्यादा डरपोक साप है जो थोड़ी सी आहट होते ही भाग जाता है। गांव के लोग पंडित को बहोत ही आदरभाव करते है। पंडित जी की बात सुन कर गांव के लोगो ने साप को छोड़ दिया। कुछ दिनों बाद पंडित जी शाम के समय नदी के किनारे जा रहे थे तब रास्ते मे साप बैठा हुआ था। पंडित जी ने साप को भगाने की बहोत कोशिश की पर साप भागा नही। पंडित जी ने खुद ही नदी के दूसरी तरफ च...
नमस्ते दोस्ती आज में आप से सफलता की बात करूंगा जिसे पाने के लिए हर व्यक्ति, हर पल परेशान रहता है। जिहा में आज सफलता की सीढी चढ़ने वाले ब्लॉगर की बात करूंगा। ब्लॉग लिखना मेने शरू किया, लिखते लिखते 60 से ज्यादा पोस्ट मेने लिख भी दिए और अच्छा रिस्पॉश भी मिल रहा था। यह देख ते हुए मेने एडसन में अपना एकाउंट भी बना लिया। थोड़ा समय जाने के बाद मेरा एडसन अकाउंट के लिए अप्लाई किया हुआ एप्लिकेशन रिजेक्ट कर दिया गया कि अभी आपको हम एडसन में ad दिखाने का मौका नही दे सकते। फिर से अप्लाय करना। तुमारा ब्लॉग अभी एडसन के लिए तैयार नही हुआ है। यह निष्फलता ने मुजे फिर कभी भी ब्लॉग नही लिखूंगा, ना ही पढूंगा मेने बंध कर दिया। 24 घन्टे बाद मुजे बचपन की कहानी याद आई जो बचपन मे स्कूल के समय मे आती थी। "धीरज के फल मीठे" "सब्र का फ़ल मीठा" ...